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निकाह और मियाँ-बीवी का रिश्ता

निकाह का मक़सद, पति और पत्नी के हक़ और ज़िम्मेदारियाँ, और मुश्किल वक़्त में क़ुरआन और सुन्नत की रहनुमाई।

निकाह का मक़सद: सुकून, मुहब्बत और रहमत

निकाह के दिन दो लोग एक दूसरे का हाथ थामते हैं और एक नई ज़िंदगी शुरू होती है। क़ुरआन इस रिश्ते को ...

मियाँ बीवी के हक़: दोनों तरफ़ की ज़िम्मेदारी

हर जोड़े के दिल में यह ख़्वाहिश होती है कि उनका रिश्ता दिन ब दिन और ख़ूबसूरत होता जाए। अच्छी बात ...

अच्छे पति की ख़ूबियाँ

हर अच्छा पति चाहता है कि उसकी पत्नी उसके साथ ख़ुश रहे। इस रास्ते पर नबी ﷺ से बेहतर रहनुमा कोई नही...

पति की ज़िम्मेदारियाँ

निकाह के साथ एक मर्द की ज़िंदगी में एक नई ज़िम्मेदारी आती है। अब कोई है जो उसके भरोसे अपना घर छोड...

नेक पत्नी की ख़ूबियाँ

हर अच्छी पत्नी चाहती है कि उसका घर सुकून का घर हो और उसका पति उसके साथ ख़ुश रहे। इस चाहत की इस्ला...

पत्नी की ज़िम्मेदारियाँ

निकाह के बाद एक औरत एक नए घर की रोशनी बनकर आती है। इस घर को संभालना उसके लिए बहुत इज़्ज़त की बात ...

जिन बातों से रिश्ते को बचाना है

जिस चीज़ से हम मुहब्बत करते हैं, उसकी हिफ़ाज़त भी करते हैं। मियाँ बीवी का रिश्ता भी ऐसा ही है, और...

घर का ज़िम्मेदार, बात मानना और उसकी हद

हर घर को चलाने के लिए कोई न कोई ज़िम्मेदार चाहिए होता है, जो फ़ैसले का बोझ भी उठाए और घर की फ़िक्...

जब रिश्ता मुश्किल हो जाए

हर रिश्ते में कभी न कभी मुश्किल दिन आते हैं। दो अलग इंसान जब साथ रहते हैं तो कभी बात बिगड़ भी जात...